
प्रवेश के सामान्य नियम
1. प्रत्येक पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों की संख्या पूर्व
निर्धारित है।
2. सभी संकायों में प्रतिदेय अधिप्रतिनिधित्व (वेटेज कन्सिडरेशन)
निम्नलिखित
गोरखपुर विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों से योग्यता प्रदायी
उपाधि प्राप्त छात्रों के लिए 2 प्रतिशत।
स्नातकोत्तर एवं विधि कक्षाओं में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय
आवासीय खण्ड से योग्यता प्रदायी उपाधि प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों
को 5 प्रतिशत। यह क्रम संख्या (पप) में दिये गये 2 प्रतिशत के
अतिरिक्त होगा।
महिला अभ्यर्थियों के लिए 2 प्रतिशत।
एन0सी0सी0 में ‘बी’ सर्टिफिकेट प्राप्त छात्रों के लिए 2 प्रतिशत।
राष्ट्रीय सेवा योजना के अन्तर्गत 240 घण्टे की सेवा एवं कम से कम
एक विशेष शिविर में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को 2 प्रतिशत।
प्रमाण पत्र कुलपति द्वारा हस्ताक्षरित होने पर ही मान्य होगा।
सेवा निवृत्त मृतक शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के
अविवाहित पुत्र पुत्री एवं पत्नी पति को प्रवेश में अधिकतम
अधिप्रतिनिधित्व सभी मानको को मिलाकर 10 प्रतिशत अनुमन्य है।
सम्बद्ध सहयुक्त महाविद्यालयों के शिक्षकों शिक्षणेत्तर कर्मचारियों
के पाल्यों को स्नातकोत्तर कक्षाओं में 10 प्रतिशत का अधिभार
अनुमन्य है।
टिप्पणी ः उपर्युक्त अधिप्रतिनिधित्व दो से अधिक एक साथ नहीं
जुड़ेगा। किसी अभ्यर्थी को किन्हीं दो छूटों के आधार पर 7 प्रतिशत
से अधिक अधिभार देय नहीं होगा। 4(अप) एवं 4(अपप) के लिए यह अधिभार
सीमा 10 प्रतिशत होगी।
3. राज्य राष्ट्रीय स्तर पर खेलकूदमें स्थान प्राप्त करने वाले
अभ्यर्थियों के लिए प्रत्येक कक्षा में कोटा है। इसके अन्तर्गत
प्रवेश कुलपति जी की सहमति से होगा। अभ्यर्थी प्रार्थना पत्र में
निर्दिष्ट स्थान पर इसे इंगित करें तथा उपयुक्त प्रमाण पत्र साथ
में संलग्न करे। बाद में कोई प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा।
राज्य राष्ट्रीय स्तर पर खेलकूद में स्थान प्राप्त करने वाले
अभ्यर्थियों के लिए विभिन्न संकायों तथा विभागों में स्थान
निर्धारित है जो निम्नवत् है-
अ. कला ः स्नातक छात्र 07, छात्राएं 03, परास्नातक 05, एम0ए0
शिक्षाशास्त्र 01
ब. विज्ञान ः स्नातक छात्र 03, परास्नातक 01
स. वाणिज्य ः स्नातक 03, परास्नाक 01
द. विधि ः 02
4. आरक्षण ः
अ. 1. अनुसूचित जाति 21 प्रतिशत
2. अनुसूचित जनजाति 2 प्रतिशत
3. अन्य पिछड़ा वर्ग (इसके लिए क्रीमीलेयर के अभ्यर्थी अर्ह नहीं
है) 27 प्रतिशत
इस आरक्षण का लाभ प्राप्त करने हेतु अभ्यर्थी को अपने जिले के
सक्षम अधिकारी यथा जिलधिकारी अपर जिलाधिकारी मजिस्ट्रेट तहसीलदार
का अद्यतन प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा, आरक्षण की सुविधा अनुमन्य
नहीं होगी। अन्य पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक है कि
उनके जाति प्रमाण पत्र में 8 दिसम्बर, 1995 की राजाज्ञा के
अन्तर्गत क्रीमीलेयर में न होने का स्पष्ट उल्लेख सक्षम अधिकारी
द्वारा किया गया है।
क्षैतिज आरक्षण ः
1. शारीरिक रूप से विकलांग 3 प्रतिशत
2. स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित (पुत्र अविवाहित पुत्री पौत्र प्रपौत्र अविवाहित
पौत्री प्रपौत्री) 2 प्रतिशत
3. भूतपूर्व सैनिक एवं युद्ध में शहीद, युद्ध के अपंग रक्षा कर्मी
अथवा उनके पाल्य 2 प्रतिशत
4. कारगिल युद्ध में शहीद रक्षा कर्मी के आश्रित 1 प्रतिशत
5. कश्मीर विस्थापित 1 प्रतिशत
6. कार्यरत सैनिक एवं उनके पाल्य (पति पत्नी पुत्र पुत्री) 1
प्रतिशत
अधिसंख्य सुपरन्यूमे................ आरक्षण ः
1. विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पाल्यों
(पति पत्नी पुत्र पुत्री) के स्नातक स्तर की कक्षाओं में प्रवेश के
लिए आरक्षण कुल निर्धारित संख्या का 10 प्रतिशत है तथा किसी भी
पाल्य का प्रवेश बिना प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित हुए नहीं किया
जायेगा। यह प्रवेश आरक्षण नियमों के तहत होगा, कुल स्थान के
अन्तर्गत और विषय संयुक्तियाँ उनके प्रवेश परीक्षा के अंकों के
आधार पर मिलेगी।
2. एम-एस0सी0 (बायोटेक्नोलाॅजी इलेक्ट्रानिक्स) में विश्वविद्यालय
में कार्यरत शिक्षकों कर्मचारियों के पाल्यों (पति पत्नी पुत्र पुत्री)
को प्रवेश के लिए आरक्षण कुल सीटों के निर्धारित संख्या का 10
प्रतिशत होगा।
टिप्पणी ः
1. नीचे दी गई तालिका में प्रमाणपत्र के सम्मुख अंकित सक्षम अधिकारी
द्वारा निर्गत प्रमाणपत्र ही मान्य होगा जो जाँच हेतु प्रवेश के
समय प्रस्तुत करना होगा।
प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी
(अ) जाति प्रमाण पत्र (अ0जा0 अ0ज0जा0 अ0पि0) जिला अधिकारी अपर
जिलाधिकारी तहसीलदार मजिस्ट्रेट
(ब) विकलांग प्रमाण पत्र मुख्य चिकित्साधिकारी
(स) स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र जिलाधिकारी
(द) प्रतिरक्षा प्रमाण पत्र जिला सैनिक कल्याण अधिकारी
(य) विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पाल्य कुलसचिव
(र) सम्बद्ध महाविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पाल्य
क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित
(ल) कश्मीर विस्थापित व कारगिल शहीद?? आदि जिलाधिकारी
2. स्नातक कला प्रथम वर्ष के छात्राओं का प्रवेश संकायाध्यक्ष
द्वारा अलग से पूर्व निर्धारित संख्या तक प्रवेश परीक्षा की मेरिट
के आधार पर किया जायेगा।
3. सम्बन्धित संकाय विभाग कार्यालय के सूचना पट्ट पर प्रवेश के
लिए अस्थायी रूप से अर्ह प्रवेशार्थियों की सूची प्रकाशित होगी।
इसके बाद सम्बन्धित प्रवेशार्थी संकाय विभाग की प्रवेश समिति के
समक्ष अपने सभी मूल प्रमाण पत्रों (इसमें अन्तिम शिक्षण संस्था के
प्रमुख द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण पत्र भी सम्मिलित है) के साथ
प्रस्तुत होंगे तथा सम्बन्धित अधिकारी से प्रवेश पत्र प्राप्त
करेंगे और निर्दिष्ट तिथि के अन्तर्गत लेखा विभाग में शुल्क जमा
करके अपना प्रवेश लेंगे। शुल्क जमा करने के एक सप्ताह के अन्दर
सम्बन्धित संकाय विभाग के कार्यालय में जाकर कक्षा पंजिका में अपना
नाम अंकित करा लेंगे अन्यथा उनका प्रवेश निरस्त किया जा सकता है।
4. कोई भी व्यक्ति विश्वविद्यालय का नियमित छात्र उस तिथि से जाना
जायेगा, जिस दिन उसने प्रवेश शुल्क जमा करने के पश्चात सम्बन्धित
संकाय विभाग के छात्र पंजिका में अपना नाम अंकित करा लिया हो।
5. प्रवेश समिति किसी भी व्यक्ति का प्रवेश बिना कारण बताये हुए
निरस्त कर सकती है।
6. योग्यता प्रदायी परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरान्त तीन वर्ष से
अधिक अन्तराल की दशा में किसी भी अभ्यर्थी का प्रवेश नहीं होगा। एक
वर्ष के अन्तराल पर 5 प्रतिशत एवं दो वर्ष के अन्तराल पर 7 प्रतिशत
तथा तीन वर्ष के अन्तराल पर 10 प्रतिशत की कटौती के उपरान्त प्रवेश
लिया जा सकता है। सेवारत सैन्य कर्मियों तथा भूतपूर्व सैनिकों के
प्रवेश में यह नियम लागू नहीं होगा।
7. विश्वविद्यालय की किसी कक्षा की परीक्षा में सम्मिलित हो जाने
पर अथवा असफल रह जाने या रोक लिये जाने पर किसी छात्र को
विश्वविद्यालय की उस कक्षा में दुबारा प्रवेश नहीं मिल सकेगा।
परीक्षा में सम्मिलित असफल छात्रों को भूपपूर्व छात्र होने की
सुविधा उपलब्ध है।
8. विश्वविद्यालय की किसी भी कक्षा में किसी महाविद्यालय या अन्य
विश्वविद्यालय से स्थानान्तरण के आधार पर प्रवेश नहीं होगा।
9. स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष की कक्षाओं में प्रवेश स्नातक भाग-तीन
में लिए गये विषयों में से किसी एक विषय में होगा। स्नातकोत्तर
अर्थशास्त्र की कक्षा में प्रवेश हेतु वे छात्र भी अर्ह होंगे, जो
बी0ए0 बी0एस-सी0 तृतीय वर्ष में गणित संख्यिकी के साथ परीक्षा
उत्तीर्ण किये हो।
10. स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष की कक्षाओं में प्रवेश हेतु
योग्यता प्रदायी परीक्षा में 40 प्रतिशत प्राप्तांक की न्यूनतम
अर्हता अनिवार्य है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति तथा अन्य पिछड़ी जाति
के अभ्यर्थियों के लिए 40 प्रतिशत की अनिवार्यता नहीं होगी, किन्तु
एम0एस-सी0 (जैव प्रौद्योगिकी) प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए
न्यूनतम अंक दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण
अभ्यर्थियों के लिए बी0एस-सी0 में 55 प्रतिशत अंक, अन्य
विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण छात्रों के लिए भी बी0एस-सी0 में 55
प्रतिशत अंक तथा अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के
लिए बी0एस-सी0 में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
एम0एस-सी0 (जैव प्रौद्योगिकी) में प्रवेश हेतु योग्यता प्रदायी
परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थी भी प्रवेश परीक्षा में बैठ सकते
हैं।
11. स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष
उत्तीर्ण करने के पश्चात यदि कोई छात्र छात्रा लगातार तीन वर्ष तक
अन्तिम वर्ष की परीक्षा में सम्मिलित नहीं होता होती है तो उसके
बाद उस छात्र छात्रा द्वारा स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष और स्नातक
प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की उत्तीर्ण परीक्षा निरस्त मानकर आगामी
कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जायेगा। यह नियम व्यक्तिगत तथा
संस्थागत दोनों प्रकार के छात्रों के लिए लागू होगा।
नामांकन
विश्वविद्यालय में पहली बार प्रवेश चाहने वाले छात्र को नामांकन के
लिए निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन करना होगा, जिसे विभाग या संकाय के
कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। प्रवेश के समय नामांकन हेतु
प्रपत्र भर करके, मूल स्थानान्तरण प्रमाण पत्र व मूल प्रवजन प्रमाण
पत्र के साथ सम्बन्धित कार्यालय में प्रस्तुत करना आवश्यक है।


